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Wednesday, 16 September 2020

यादें

 

काश की पल फिर आये

कुछ तुम जी लो, कुछ मै जी लू !

वो  मधुर  सुहाने  चंचल    पल

कुछ तुम चुन लो, कुछ मै चुन लू !!

फिर वही सुहाने मौसम हो,

फिर वही गीत मनभावन हो !

कुछ कस्मे हो, कुछ वादे हो,

कुछ तुम बोलो , कुछ मै  बोलू!!

मै वही राग फिर से छेडू ,

तुम वही गीत फिर से गाओं !

तुम रूठो फिर बिन बातो पे,

वो तेरे भोलेपन पे मै फिर से जी लू फिर से मर लू

फिर वो ही चाँद फलक पे हो ,

फिर वही बेताबी सीने  में !

तुम हँसती रहो बस हँसती रहो ,

मै तुम्हे देख खुश होता रहू !!

फिर बारिश कि कुछ बुँदे हो,

सावन का पुरवा झोका हो !

हाथो में तेरा हाथ लिए ,

कुछ तुम भिगो, कुछ मै भीगू !!

काश की पल फिर आये

कुछ  तुम जी लो, कुछ मै जी लू

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