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Wednesday, 16 September 2020

ये प्यार ही है

 

जो बात कभी तुमसे कही,

जो झूठ सदा खुद से बोला !

जो बात मेरे दिल में ही रही,

जो बात जुबा पे ना आई !!

ख्वाबो में भी उलझन सी रही ,

हम डरते रहे और चुप ही रहे !

जब जब सोचा तेरी ओर बढे,

इक झिझक थी जो बढती ही रही !!

इक आश है जो मिटती ही नहीं,

एक दर्द है जो घटता ही नहीं !

इक पल में सदिया जीते है,

जब जब तेरे संग होते है !!

तेरे आने की बातो से ,

हर ओर उजाला होता है !

जब तुम मेरे संग होते हो,

सब कुछ अच्छा ही होता है !!

इक डर है तुमको खोने का,

इसलिए सदा चुप रहते है !

शब्दों की मायानगरी में ,

ख्वाबो के महल हम बुनते है !!

इस ख्वाबो वाली दुनिया में,

बस मेरी मर्जी चलती है !

हर ओर तुम्हारी बाते है,

हर ओर तुम्हारे चर्चे है !!

लेकिन ये बस इक ख्वाब ही है,

कुछ बिनबोले जजबात ही है !

अब कैसे तुमको बतलाये,

ये प्यार ही है, ये प्यार ही है !!

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