जो बात कभी तुमसे न कही,
जो झूठ सदा खुद से बोला !
जो बात मेरे दिल में ही रही,
जो बात जुबा पे ना आई !!
ख्वाबो में भी उलझन सी रही ,
हम डरते रहे और चुप ही रहे !
जब जब सोचा तेरी ओर बढे,
इक झिझक थी जो बढती ही रही !!
इक आश है जो मिटती ही नहीं,
एक दर्द है जो घटता ही नहीं !
इक पल में सदिया जीते है,
जब जब तेरे संग होते है !!
तेरे आने की बातो से ,
हर ओर उजाला होता है !
जब तुम मेरे संग होते हो,
सब कुछ अच्छा ही होता है !!
इक डर है तुमको खोने का,
इसलिए सदा चुप रहते है !
शब्दों की मायानगरी में ,
ख्वाबो के महल हम बुनते है !!
इस ख्वाबो वाली दुनिया में,
बस मेरी मर्जी चलती है !
हर ओर तुम्हारी बाते है,
हर ओर तुम्हारे चर्चे है !!
लेकिन ये बस इक ख्वाब ही है,
कुछ बिनबोले जजबात ही है !
अब कैसे तुमको बतलाये,
ये प्यार ही है, ये प्यार ही है !!

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